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टूटी सड़क दिल्ली में , MCD, PWD या NHAI, कौन ज़िम्मेदार और कहाँ शिकायत करें ?

टूटी सड़क दिल्ली में , MCD, PWD या NHAI, कौन ज़िम्मेदार और कहाँ शिकायत करें ?

टूटी सड़क की शिकायत , दिल्ली में सामने आई हालिया घटना—जहाँ सड़क निरीक्षण के दौरान विवाद और हंगामे की खबरें आईं—ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बदहाल सड़कों की इस हालत के लिए प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था में से कौन ज़िम्मेदार है।

टूटी सड़क की शिकायत दिल्ली में करना जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। आप MCD को फोन करते हैं, तो जवाब मिलता है “यह PWD की सड़क है”। PWD को फोन करते हैं, तो कहा जाता है “यह DDA के पास है”। इस बीच गड्ढा बड़ा होता जाता है, बारिश में पानी भर जाता है और कोई हादसे का शिकार हो जाता है।

संक्षिप्त उत्तर

दिल्ली में 60 फुट या उससे चौड़ी सड़कें दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास हैं, और 60 फुट से कम चौड़ी सड़कें, यानी कॉलोनियों और मोहल्लों की ज़्यादातर सड़कें, दिल्ली नगर निगम (MCD) के पास। लुटियंस दिल्ली की सड़कें NDMC, राष्ट्रीय राजमार्ग NHAI और कुछ इलाकों की सड़कें DDA या छावनी बोर्ड के पास हैं। MCD की सड़क के लिए 155305 पर कॉल करें या MCD311 ऐप इस्तेमाल करें; PWD की सड़क के लिए PWD SEWA पोर्टल पर शिकायत करें।

टूटी सड़क की शिकायत दिल्ली में: पहले जानें सड़क किसकी है

दिल्ली का सड़क नेटवर्क लगभग 18,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबा है। इसमें से लगभग 1,400 किलोमीटर की चौड़ी सड़कें PWD के पास हैं, जिन पर दिल्ली का करीब 70% ट्रैफिक चलता है। बाकी का बड़ा हिस्सा, यानी गलियाँ और कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कें, MCD के पास है।

सड़क का प्रकार ज़िम्मेदार एजेंसी पहचान कैसे करें
60 फुट या ज़्यादा चौड़ी मुख्य सड़कें (रिंग रोड, बड़े मार्ग) PWD (दिल्ली सरकार) चौड़ी, डिवाइडर वाली, बसों और भारी ट्रैफिक वाली सड़कें
60 फुट से कम चौड़ी सड़कें, गलियाँ, कॉलोनियों की सड़कें MCD (दिल्ली नगर निगम) मोहल्ले और कॉलोनी के अंदर की सड़कें
लुटियंस दिल्ली / नई दिल्ली क्षेत्र NDMC कनॉट प्लेस, चाणक्यपुरी जैसे इलाके
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) NHAI या केंद्र सरकार की एजेंसी NH नंबर वाले हाईवे और एक्सप्रेसवे
DDA द्वारा विकसित कुछ इलाके और हरित क्षेत्र की सड़कें DDA जहाँ सड़क अभी तक नगर निगम को सौंपी नहीं गई
दिल्ली कैंट दिल्ली छावनी बोर्ड छावनी क्षेत्र की सड़कें
प्राइवेट सोसाइटी या गेटेड कॉलोनी की अंदरूनी सड़क सोसाइटी / RWA / बिल्डर जो सड़क सार्वजनिक नहीं, बल्कि निजी परिसर में है

 

ध्यान दें: कई बार एक ही सड़क का एक हिस्सा MCD और दूसरा PWD के पास होता है, या कोई सड़क हस्तांतरण की प्रक्रिया में फँसी रहती है। इसलिए अगर आपको पक्का नहीं पता, तो दोनों एजेंसियों को लिखित शिकायत दें, या RTI से पूछें कि सड़क किसके रखरखाव में है।

कहाँ और कैसे शिकायत करें

MCD की सड़क (60 फुट से कम)

  • MCD कॉल सेंटर: 155305
  • मोबाइल ऐप: MCD311: गड्ढे की फोटो और GPS लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज करें और उसकी स्थिति ट्रैक करें
  • MCD वेबसाइट (mcdonline.nic.in) पर ऑनलाइन शिकायत
  • अपने ज़ोनल ऑफिस में लिखित शिकायत, और साथ में अपने पार्षद को भी सूचना

PWD की सड़क (60 फुट या ज़्यादा)

  • PWD SEWA पोर्टल (pwddelhi.gov.in/sewa) या PWD का ऑनलाइन शिकायत सिस्टम
  • PWD का टोल-फ्री नंबर (वेबसाइट पर मौजूदा नंबर जाँचें)
  • मुख्य सड़कों के मुद्दे अपने विधायक के ज़रिए भी उठाए जा सकते हैं, क्योंकि PWD दिल्ली सरकार का विभाग है

NDMC क्षेत्र

NDMC की वेबसाइट, उसके मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन पर शिकायत करें (मौजूदा नंबर ndmc.gov.in पर जाँचें)।

राष्ट्रीय राजमार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी शिकायत NHAI की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1800116062 पर करें (मौजूदा नंबर NHAI की वेबसाइट पर जाँचें)।

एकीकृत 311 हेल्पलाइन: दिल्ली सरकार ने सभी नागरिक एजेंसियों के लिए एक ही 311 हेल्पलाइन की घोषणा की है, जिससे शिकायत अपने आप सही विभाग तक पहुँच सके। शिकायत करने से पहले इसकी मौजूदा स्थिति सरकारी वेबसाइट पर देख लें।

असरदार शिकायत कैसे लिखें

  • सड़क का सटीक पता और लैंडमार्क लिखें, और गूगल मैप का लोकेशन पिन जोड़ें
  • तारीख वाली फोटो और वीडियो लगाएँ; बारिश में पानी भरने की फोटो ज़रूर लें
  • बताएँ कि समस्या कब से है और क्या कोई हादसा हुआ है
  • शिकायत नंबर (ticket ID) सँभालकर रखें
  • 7–15 दिन में काम न हो तो उसी नंबर के हवाले से दोबारा शिकायत करें और ऊपर के अधिकारी को भेजें

गड्ढे की वजह से हादसा हुआ तो क्या करें

सड़क का रखरखाव करने वाली एजेंसी की कानूनी ज़िम्मेदारी है कि सड़क सुरक्षित रहे। 2019 के मोटर वाहन संशोधन अधिनियम से जोड़ी गई मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198A कहती है कि अगर सड़क के डिज़ाइन, निर्माण या रखरखाव के तय मानकों का पालन न करने से किसी की मौत या विकलांगता होती है, तो ज़िम्मेदार प्राधिकरण, ठेकेदार या कंसल्टेंट पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • हादसे की जगह और गड्ढे की फोटो तुरंत लें
  • पुलिस को सूचना दें और FIR या DD एंट्री की कॉपी लें
  • अस्पताल के सभी कागज़ और बिल सँभालकर रखें
  • मुआवज़े के लिए वकील से सलाह लें; ऐसे मामलों में एजेंसी के खिलाफ मुआवज़े का दावा या हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है

शिकायत न सुनी जाए तो कानूनी रास्ता

  • RTI दाखिल करें: पूछें कि सड़क किस एजेंसी के पास है, आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, और मरम्मत का बजट व टेंडर क्या है।
  • ऊपर के अधिकारी और शिकायत पोर्टल: विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी शिकायत पोर्टल पर मामला उठाएँ।
  • कानूनी नोटिस: वकील के ज़रिए संबंधित एजेंसी को नोटिस भेजें कि तय समय में मरम्मत करे।
  • हाई कोर्ट में रिट याचिका: सड़क का रखरखाव एजेंसी का कानूनी कर्तव्य है, इसलिए दिल्ली हाई कोर्ट में परमादेश (Mandamus) की रिट या RWA के साथ मिलकर जनहित याचिका दाखिल की जा सकती है।

 

Famous cases

S. Rajaseekaran v. Union of India (सुप्रीम कोर्ट, 2018): सड़क सुरक्षा से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गड्ढों की वजह से होने वाली मौतों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है; कोर्ट ने इसके लिए सड़क का रखरखाव करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही पर ज़ोर दिया।

Municipal Council, Ratlam v. Vardhichand (1980): नगर निकाय पैसों की कमी का बहाना बनाकर अपने कानूनी कर्तव्य से नहीं बच सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ? गड्ढों वाली सड़कों पर दुर्घटना: कौन है जिम्मेदार?

दिल्ली में कौन सी सड़क MCD की है और कौन सी PWD की?

सामान्य नियम यह है कि 60 फुट या उससे चौड़ी सड़कें PWD के पास और 60 फुट से कम चौड़ी सड़कें MCD के पास हैं। NDMC क्षेत्र, राष्ट्रीय राजमार्ग, DDA क्षेत्र और छावनी की सड़कें अलग एजेंसियों के पास हैं।

MCD में सड़क की शिकायत कैसे करें?

MCD के कॉल सेंटर 155305 पर कॉल करें या MCD311 ऐप पर फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज करें। शिकायत नंबर सँभालकर रखें।

अगर पता न हो कि सड़क किसकी है तो क्या करें?

दोनों संभावित एजेंसियों को लिखित शिकायत दें, सरकार की एकीकृत हेल्पलाइन की स्थिति जाँचें, या RTI से पूछें कि सड़क किसके रखरखाव में है।

क्या गड्ढे से हुए हादसे के लिए मुआवज़ा मिल सकता है?

हाँ, परिस्थितियों के अनुसार। सड़क का रखरखाव करने वाली एजेंसी की लापरवाही साबित होने पर मुआवज़े का दावा किया जा सकता है, और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198A रखरखाव मानकों का पालन न करने पर ज़िम्मेदार प्राधिकरण या ठेकेदार पर जुर्माने का प्रावधान करती है। अपनी स्थिति के लिए वकील से सलाह लें।

क्या मैं सड़क की मरम्मत के लिए कोर्ट जा सकता हूँ?

हाँ। शिकायत, RTI और कानूनी नोटिस के बाद भी काम न हो, तो दिल्ली हाई कोर्ट में एजेंसी के खिलाफ परमादेश की रिट या जनहित याचिका दाखिल की जा सकती है।

प्राइवेट सोसाइटी की अंदरूनी सड़क कौन ठीक करेगा?

निजी परिसर की सड़कें आमतौर पर सोसाइटी, RWA या बिल्डर की ज़िम्मेदारी होती हैं, नगर निगम की नहीं।

निष्कर्ष

टूटी सड़क की शिकायत दिल्ली में तभी असरदार होती है जब वह सही एजेंसी तक, सही सबूत के साथ और लिखित में पहुँचे। 60 फुट का नियम याद रखें, हर शिकायत का नंबर सँभालें, और टालमटोल होने पर RTI और कानूनी नोटिस का इस्तेमाल करें। एक मज़बूत, दस्तावेज़ी शिकायत अक्सर वह कर देती है जो दस फोन कॉल नहीं कर पाते।

यह जानकारी मुफ्त है, व्यक्तिगत कानूनी सलाह सशुल्क (paid) है

यह ब्लॉग केवल आपकी कानूनी जागरूकता के लिए है। अपने मामले पर सलाह के लिए आप अपने वकील से संपर्क कर सकते हैं, या AdvocateJunction की सशुल्क सेवाएँ ले सकते हैं:

वकील से WhatsApp चैट (30 मिनट): ₹499

घर पर वकील, दिल्ली (45 मिनट): ₹1,499

घर पर वकील, NCR: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम (रोहिणी ऑफिस से 40 किमी तक, 45 मिनट): ₹2,999 (आने-जाने का खर्च शामिल)

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NRI क्लाइंट: पहले अपने मामले का विवरण और दस्तावेज़ भेजें; भुगतान के बाद वकील WhatsApp चैट पर सलाह देंगे।

हर परामर्श भुगतान के बाद ही शुरू होता है। हम मुफ्त कानूनी सलाह नहीं देते।

मुफ्त कानूनी सहायता: अगर आप पात्र हैं, तो अपने ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण या NALSA हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करें।

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अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य कानूनी और नागरिक जागरूकता के लिए है और इसे कानूनी सलाह न माना जाए। यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का समर्थन या विरोध नहीं करता। एजेंसियों की ज़िम्मेदारियाँ, हेल्पलाइन नंबर और ऐप बदल सकते हैं; ताज़ा जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाँचें।

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    Founder

    Gunjan Priyadarshi is the Founder of Advocate Junction, a doorstep legal services platform simplifying legal access across Delhi-NCR. A veteran corporate leader with extensive experience as a GM and VP in the high-stakes luxury and jewelry industries, he specializes in building trust-driven customer ecosystems. Combining this leadership background with an Executive Management foundation from IIM Kozhikode and advanced certifications from XLRI Jamshedpur and IIM Raipur, Gunjan applies elite corporate strategy to digital legal-tech innovation. He writes practical, jargon-free guides to help everyday Indians navigate complex legal systems with absolute confidence.

Gunjan Priyadarshi

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